भारत में एक और हाई-प्रोफाइल जासूसी प्रकरण ने सोशल मीडिया और सुरक्षा एजेंसियों में हलचल मचा दी है। इस बार मामला एक लोकप्रिय यूट्यूबर से जुड़ा है — जसबीर सिंह, जो ‘जान महल’ नाम के ट्रैवल और फूड चैनल के ज़रिए लाखों फॉलोअर्स के बीच प्रसिद्ध थे। लेकिन इस बार उनके वीडियोज़ नहीं, बल्कि उनके कथित जासूसी नेटवर्क से जुड़े संबंध सुर्खियों में हैं।
पंजाब पुलिस ने जसबीर सिंह को जासूसी के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि जसबीर सिंह के संबंध पाकिस्तान की कुख्यात खुफिया एजेंसी ISI से थे और वह पहले से गिरफ्तार की जा चुकी यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा के संपर्क में थे।
जसबीर सिंह कौन है?
- उम्र: 41 वर्ष
- निवास: रूपनगर जिला, पंजाब
- पेशा: ट्रैवल और फूड व्लॉगर
- यूट्यूब चैनल: ‘जान महल’ (1.1 मिलियन से अधिक सब्सक्राइबर्स)
- इंस्टाग्राम हैंडल: @jaanmahal_video (42,000 फॉलोअर्स)
जसबीर सोशल मीडिया पर खासे लोकप्रिय थे, जो अक्सर मलेशिया, मालदीव और पाकिस्तान जैसी जगहों से यात्रा से जुड़े वीडियो और भोजन संबंधित कंटेंट पोस्ट करते थे। उनके चैनल की लोकप्रियता के चलते उन्हें भारत और विदेशों में पहचान मिली थी।
पाकिस्तान यात्राओं पर संदेह
पंजाब पुलिस की रिपोर्ट के अनुसार, जसबीर सिंह ने 2020, 2021 और 2024 में पाकिस्तान की यात्रा की थी। इन यात्राओं के दौरान उन्हें सशस्त्र सुरक्षा कर्मियों द्वारा सुरक्षा प्रदान की गई, जो आम तौर पर केवल सरकारी प्रतिनिधियों या संवेदनशील व्यक्तियों को ही दी जाती है।
यह विशेष सुरक्षा स्तर खुद में संदेह पैदा करता है, क्योंकि सामान्य व्लॉगर्स को ऐसी सुविधाएं नहीं मिलतीं।
पाकिस्तानी पुलिस की तारीफ और पुराने वीडियो
जसबीर का एक पुराना वीडियो सामने आया है जिसमें वह पाकिस्तान की यात्रा के दौरान पाकिस्तानी पुलिस की सराहना करते दिख रहे हैं। इस वीडियो में वे सुरक्षा एजेंसियों को ‘सभ्य और सहयोगी’ बताते हैं। यह बयान उस संदर्भ में और भी संदिग्ध माना जा रहा है जब पता चला कि उन्हें विशेष सुरक्षा प्रदान की गई थी।
ISI कनेक्शन: एहसान-उर-रहीम उर्फ दानिश
जांच में सामने आया है कि जसबीर सिंह एहसान-उर-रहीम उर्फ दानिश के संपर्क में थे, जो ISI का एक कथित हैंडलर था और नई दिल्ली स्थित पाकिस्तान उच्चायोग में तैनात था।
दानिश को भारत सरकार ने पिछले महीने निष्कासित कर दिया था। कहा जा रहा है कि वह न केवल ज्योति मल्होत्रा बल्कि जसबीर सिंह जैसे सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को टारगेट कर रहा था और उन्हें धीरे-धीरे खुफिया नेटवर्क का हिस्सा बना रहा था।
पाकिस्तान राष्ट्रीय दिवस कार्यक्रम में मौजूदगी
जसबीर सिंह का एक अन्य वीडियो सामने आया है जिसमें वे पाकिस्तान दूतावास में आयोजित राष्ट्रीय दिवस समारोह में भाग लेते हुए दिखते हैं। वहां उन्हें पाकिस्तानी सेना के अधिकारियों के साथ बातचीत करते हुए देखा गया, जो कि एक आम नागरिक या व्लॉगर के लिए असामान्य है।
उल्लेखनीय है कि वह इस कार्यक्रम में दानिश के विशेष निमंत्रण पर शामिल हुए थे।
फॉरेंसिक जांच और डिजिटल साक्ष्य
पुलिस ने जसबीर के डिजिटल उपकरणों को जब्त कर लिया है और उनकी फॉरेंसिक जांच जारी है। अब तक की जानकारी के अनुसार, उनके मोबाइल फोन में 150 से अधिक पाकिस्तानी संपर्क पाए गए हैं, जिनमें से कई पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों से संबंधित थे।
ज्योति मल्होत्रा की गिरफ्तारी के बाद जसबीर सिंह ने कथित तौर पर अपने फोन से कई संवेदनशील फाइलें और चैट्स डिलीट कर दी थीं। जांच एजेंसियां अब इन डिलीट किए गए डेटा को पुनः प्राप्त करने की कोशिश कर रही हैं।
डीजीपी गौरव यादव का बयान
पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने मीडिया को जानकारी दी:
“ज्योति मल्होत्रा की गिरफ्तारी के बाद जसबीर सिंह ने अपने फोन से आईएसआई संपर्कों के सभी साक्ष्य मिटाने की कोशिश की, लेकिन हमारी साइबर टीम इसे ट्रेस करने में लगी है। फॉरेंसिक जांच से अहम सुराग मिलने की उम्मीद है।”
संदिग्ध वित्तीय लेनदेन की जांच
जसबीर सिंह के बैंक अकाउंट और विदेशी ट्रांजेक्शन की भी आर्थिक अपराध शाखा द्वारा जांच की जा रही है। संदेह है कि उन्हें पाकिस्तान से पैसे भेजे गए, जिनका उपयोग वीडियो बनाने या नेटवर्किंग के लिए किया गया हो।
सोशल मीडिया की भूमिका और युवाओं को चेतावनी
यह घटना यह संकेत देती है कि सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को अब खुफिया एजेंसियों के टारगेट पर लाया जा रहा है, खासकर वे जो पाकिस्तान जैसे संवेदनशील देशों की यात्रा करते हैं।
जांच एजेंसियों ने युवाओं को सतर्क रहने की सलाह दी है और कहा है कि यात्रा या सामग्री निर्माण के दौरान किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या प्रस्ताव से दूरी बनाए रखें।
गिरफ्तारी क्यों महत्वपूर्ण है?
- यह मामला भारत में सक्रिय पाकिस्तानी जासूसी नेटवर्क के डीप ऑपरेशन का संकेत देता है।
- सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग केवल प्रचार के लिए नहीं, बल्कि सूचना एकत्र करने और प्रसारित करने के लिए भी किया जा रहा है।
- इस मामले के खुलासे से भविष्य में डिजिटल निगरानी, यात्रा सुरक्षा जांच, और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स की गतिविधियों पर नजर रखने की संभावनाएं बढ़ सकती हैं।
निष्कर्ष
जसबीर सिंह की गिरफ्तारी भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। यह घटना बताती है कि दुश्मन देश अब डिजिटल मीडिया के जरिए भी खुफिया गतिविधियों को अंजाम देने की कोशिश कर रहे हैं।
आने वाले दिनों में जसबीर सिंह से पूछताछ और डिजिटल जांच से और कई परतें खुलने की संभावना है, जो एक बड़े जासूसी नेटवर्क की ओर इशारा कर सकती हैं।















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