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“Indo-Pak Ceasefire: मिट्टी में दबे आतंकी ठिकाने, एयरबेस तबाह – ऑपरेशन सिंदूर से क्या मिला?”

Indo-Pak Ceasefire: मिट्टी में दबे आतंकी ठिकाने, एयरबेस तबाह – ऑपरेशन सिंदूर से क्या मिला?

भारतीय सेना, वायुसेना और नौसेना की एक अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस रविवार को आयोजित की गई। इस कॉन्फ्रेंस में ऑपरेशन सिंदूर को लेकर विस्तार से जानकारी दी गई। डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस (DGMO) लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने ऑपरेशन की पूरी जानकारी साझा की। उनके साथ एयर मार्शल अवधेश कुमार भारती (डीजी एयर ऑपरेशंस) और वाइस एडमिरल एएन प्रमोद (डीजी नेवल ऑपरेशंस) भी मौजूद थे। यह पहली बार था जब थल सेना, वायुसेना और नौसेना – तीनों सेनाओं के वरिष्ठ अधिकारी किसी ऑपरेशन को लेकर एक साथ प्रेस को जानकारी दे रहे थे। कॉन्फ्रेंस की शुरुआत शिव तांडव की संगीत धुन से हुई, जिससे माहौल और भी प्रभावशाली बन गया।

भारतीय सेना के ऑपरेशंस निदेशक (DGMO) लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने बताया कि आज सुबह पाकिस्तान के DGMO से बातचीत हुई है और कल फिर से बातचीत होगी। उन्होंने सख्त लहजे में कहा, “अगर पाकिस्तान ने आज रात सीजफायर का उल्लंघन किया, तो उसे करारा जवाब दिया जाएगा।” राजीव घई ने बताया कि भारतीय सेना ने पहलगाम में हुए आतंकी हमले का मुंहतोड़ जवाब दिया है। इस ऑपरेशन में आतंकियों के 9 कैंप तबाह किए गए और करीब 100 आतंकियों को मार गिराया गया, जिनमे मुद्स्सर खास, हाफिज जमील और रऊफ अजहर जैसे बड़े आतंकवादी भी शामिल थे। ये सभी IC-814 विमान अपहरण और पुलवामा हमले जैसे बड़े मामलों में शामिल थे। इसके तुरंत बाद पाकिस्तान ने नियंत्रण रेखा (LoC) पर फायरिंग की। राजीव घई ने बताया कि पाकिस्तान की घबराहट साफ नज़र आ रही थी, क्योंकि उन्होंने आबादी वाले गांवों और धार्मिक स्थलों जैसे गुरुद्वारे को भी निशाना बनाया, जिसमें कई निर्दोष लोगों की जान चली गई।

लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई (DGMO) ने बताया कि इस ऑपरेशन में भारतीय वायुसेना की अहम भूमिका रही। वायुसेना ने आतंकियों के कुछ ठिकानों पर सटीक हमला किया। उन्होंने कहा,
“भारतीय वायुसेना के पास आसमान में मौजूद हथियार थे और नौसेना ने सटीक हथियारों के लिए जरूरी तकनीक और संसाधन उपलब्ध कराए।” उन्होंने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के तहत सिर्फ आतंकी ठिकानों को ही निशाना बनाया गया, आम नागरिकों को कोई नुकसान न हो, इसका खास ध्यान रखा गया। राजीव घई ने यह भी बताया कि इस ऑपरेशन में पाकिस्तान सेना के करीब 35 से 40 अफसर मारे गए। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने नागरिक विमान को भी निशाना बनाया, जो अंतरराष्ट्रीय नियमों और मानवता के खिलाफ है।

डीजी एयर ऑपरेशंस एयर मार्शल अवधेश कुमार भारती ने बताया कि भारतीय वायुसेना ने बहावलपुर में जैश-ए-मोहम्मद के चार ठिकानों पर हमला किया और उनके ट्रेनिंग कैंप को तबाह कर दिया। उन्होंने कहा कि भारतीय वायुसेना ने लाहौर में पाकिस्तान का रडार सिस्टम भी नष्ट कर दिया। पाकिस्तान ने भारत के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश की थी और इसके लिए कई ड्रोन भेजे, जिन्हें हमारी सेना ने मार गिराया। 8 और 9 मई को पाकिस्तान ने श्रीनगर से लेकर कच्छ तक अलग-अलग इलाकों में ड्रोन भेजे, लेकिन भारत की सतर्कता के कारण कोई नुकसान नहीं हुआ। “हम पूरी तरह तैयार थे, इसलिए पाकिस्तान की कोशिशें नाकाम रहीं” – एयर मार्शल अवधेश कुमार भारती।

डीजी एयर ऑपरेशंस, एयर मार्शल अवधेश कुमार भारती ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया:

“हालात बेहद कठिन हैं। हम यह प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं करना चाहते थे, लेकिन अब यह जरूरी हो गई थी।” उन्होंने बताया कि भारतीय वायुसेना (IAF) ने मुरीदके और बहावलपुर में मौजूद आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए। ये दोनों स्थान अंतरराष्ट्रीय सीमा से काफी अंदर थे, इसलिए इन्हें निशाना बनाना रणनीतिक रूप से बहुत अहम था।
भारतीय वायुसेना ने इस ऑपरेशन के दौरान सैटेलाइट से मिली जानकारी, खुफिया रिपोर्ट्स और प्रिसिशन म्यूनिशन (सटीक मारक हथियारों) का इस्तेमाल किया, ताकि लक्ष्य पर बिना किसी आम नागरिक को नुकसान पहुंचाए सटीक हमला किया जा सके।
एयर मार्शल ए.के. भारती ने बताया कि पाकिस्तान ने जम्मू, उधमपुर, पठानकोट, नाल, डलहौजी और फलौदी जैसे इलाकों में हमला करने की कोशिश की। लेकिन भारतीय वायुसेना पहले से तैयार थी और हमने अपने एयर डिफेंस सिस्टम की मदद से इन सभी हमलों को नाकाम कर दिया। उन्होंने कहा,”हमने उन्हें वहीं मारा, जहां सबसे ज्यादा चोट पहुंचती है।” भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के एयरबेस कमांड सिस्टम, मिलिट्री एयरबेस, चकलाला, रफीकी और रहरयार खान जैसे ठिकानों को निशाना बनाया। “हमने साफ-साफ बता दिया कि अब आक्रामक हरकतें न तो माफ की जाएंगी, न बर्दाश्त की जाएंगी। हमारे पास उनके हर बेस को खत्म करने की ताकत है।”

ड्रोन अटैक और भारत की जवाबी कार्रवाई:

एयर मार्शल भारती ने बताया कि 8 और 9 मई की रात को रात 10:30 बजे से लेकर सुबह तक, पाकिस्तान ने श्रीनगर से लेकर गुजरात के नलिया तक ड्रोन और मानवरहित हवाई वाहनों (UAV) से हमला किया। लेकिन हमारी तैयारी पुख्ता थी,”हमारी एयर डिफेंस यूनिट्स ने दुश्मन के सारे प्लान फेल कर दिए। जमीन पर कोई नुकसान नहीं हुआ।” उन्होंने बताया कि जवाबी कार्रवाई में भारतीय वायुसेना ने लाहौर और गुजरांवाला मे सैन्य ठिकानों और निगरानी रडार सिस्टम्स को निशाना बनाया। एयर मार्शल ने यह भी कहा कि पाकिस्तान ने लाहौर एयरस्पेस से नागरिक और अंतरराष्ट्रीय विमानों को उड़ान भरने की अनुमति दी, जो एक बेहद गैर-जिम्मेदाराना और खतरनाक फैसला था। “हमें बेहद सतर्क रहना पड़ा ताकि कोई निर्दोष यात्री हताहत न हो।”

पाकिस्तान की नाकाम कोशिशें – भारतीय सेना सतर्क और तैयार

डीजीएमओ लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने बताया कि पाकिस्तान ने एक बार फिर ड्रोन और विमानों के जरिए भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ की कोशिश की, लेकिन हमारी सेना ने इन सभी प्रयासों को नाकाम कर दिया। उन्होंने कहा,”हमने भारतीय वायुसेना के साथ मिलकर एक मजबूत सुरक्षा नेटवर्क बनाया है, जिसमें एयर डिफेंस और इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम की मदद से दुश्मन की हर हरकत पर नज़र रखी जा रही है।” राजीव घई ने बताया कि 9 और 10 मई की रात पाकिस्तान ने कुछ महत्वपूर्ण हवाई अड्डों और रसद ठिकानों (लॉजिस्टिक पॉइंट्स) को निशाना बनाने की कोशिश की थी। लेकिन भारतीय वायुसेना और थलसेना की वायु सुरक्षा यूनिट्स ने बहादुरी और समझदारी से इसका जवाब दिया और दुश्मन की साजिश को पूरी तरह फेल कर दिया। उन्होंने बताया कि थल, वायु और नौसेना – तीनों सेनाओं ने मिलकर अपनी तैयारियों को और मजबूत किया है, और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।

भारत के सभी पायलट पूरी तरह सुरक्षित: DGMO

DGMO लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने कहा कि मौजूदा हालात और ऑपरेशन के दौरान भारत के सभी पायलट सुरक्षित हैं। उन्होंने कहा,”अगर पाकिस्तान कोई नापाक हरकत करेगा, तो उसे पता है कि भारत उसका क्या जवाब देगा।” वहीं भारतीय नौसेना के ऑपरेशंस डायरेक्टर वाइस एडमिरल प्रमोद ने बताया कि,”पहलगाम आतंकी हमले के बाद सिर्फ 96 घंटे के अंदर भारतीय नौसेना पूरी तरह अलर्ट और तैयार हो गई थी।”

भारत-पाकिस्तान तनाव: नौसेना ने दी तुरंत प्रतिक्रिया

नेवी के डीजी, वाइस एडमिरल एएन प्रमोद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि भारतीय नौसेना ने पूरी तैयारी के साथ समुद्र में तैनाती की और संयुक्त रक्षा बलों की योजना के तहत काम किया।
उन्होंने कहा,”22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पाकिस्तान द्वारा प्रायोजित आतंकवादियों ने निर्दोष पर्यटकों पर हमला किया। इसके बाद भारतीय नौसेना ने अपनी कैरियर बैटल ग्रुप, सतही बल, पनडुब्बियां, और विमानन को युद्ध की स्थिति में तुरंत तैनात किया।”

वाइस एडमिरल एएन प्रमोद ने आगे बताया:

“हमने आतंकवादी हमले के 96 घंटे के भीतर अरब सागर में युद्ध की तैयारी में कई हथियारों का परीक्षण किया और समुद्र में रणनीतिक योजनाओं को और पुख्ता किया।”

“शव गिनना पाकिस्तान का काम, हमारा काम है लक्ष्य को भेदना”

एयर मार्शल ए.के. भारती ने कहा, “हमने जो भी तरीके और साधन चुने, उनका दुश्मन के ठिकानों पर वांछित असर हुआ।” उन्होंने आगे कहा, “हमारा उद्देश्य दुश्मन को हताहत करना नहीं था, लेकिन अगर कुछ हताहत हुए हैं तो उनकी गिनती करना पाकिस्तान का काम है। हमारा काम तो लक्ष्य को भेदना है, शवों की गिनती करना नहीं।”

“सीजफायर कैसे हुआ? DGMO ने दी जानकारी”

डीजीएमओ लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने कहा, “10 मई की सुबह, जब हम पिछले रात की घटनाओं पर चर्चा कर रहे थे, मुझे पाकिस्तान में अपने समकक्ष से हॉटलाइन पर संदेश मिला, जिसमें उन्होंने मुझसे बातचीत करने की इच्छा जताई थी।”
उन्होंने आगे कहा:
“हमारा मुख्य उद्देश्य आतंकी शिविरों पर हमला करना था, और उसके बाद हमारी सभी कार्रवाई पाकिस्तान वायु सेना और उसकी सेना द्वारा घुसपैठ और उल्लंघन के जवाब में थी। इसलिए यह निर्णय लिया गया कि मैं अपने समकक्ष से बात करूंगा। फिर, 11 मई को दोपहर साढ़े तीन बजे पाकिस्तान के डीजीएमओ से मेरी बातचीत हुई, और इसके बाद 10 मई को शाम 5 बजे से दोनों देशों ने सीमा पार से गोलीबारी और हवाई घुसपैठ बंद कर दी।”

ऑपरेशन सिंदूर के बाद बौखला गया था पाकिस्तान”

भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (POK) में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाकर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत एक सटीक और योजनाबद्ध सैन्य कार्रवाई की। यह ऑपरेशन 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले का जवाब था, जिसमें 26 लोग मारे गए थे, जिनमें ज्यादातर पर्यटक थे।
भारतीय सेना ने इस हमले के जिम्मेदार आतंकी संगठनों जैसे जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और हिज्बुल मुजाहिदीन के ठिकानों को नष्ट कर दिया।
7 मई 2025 को शुरू हुए इस ऑपरेशन में भारतीय सेना, वायुसेना और नौसेना ने मिलकर पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में बहावलपुर और मुरिदके, साथ ही POK के मुजफ्फराबाद, कोटली और अन्य इलाकों में नौ आतंकी ठिकानों पर हमले किए। भारतीय सेना का कहना है कि यह कार्रवाई सटीक थी और इसमें किसी भी पाकिस्तानी सैन्य ठिकाने या नागरिक को निशाना नहीं बनाया गया।

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