इस साल रामनवमी के अवसर पर उत्तर प्रदेश में हर ओर मंगल भवन अमंगल हारी का स्वर गूंजेगा। प्रदेशभर के मंदिरों में 24 घंटे का मानस पाठ आयोजित किया जाएगा। इसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी जिला अधिकारियों को आदेश दिए हैं। उनके निर्देश के अनुसार, अष्टमी के दिन दोपहर 12 बजे अखंड पाठ शुरू होगा, और नवमी तिथि पर अयोध्या में रामलला के सूर्य तिलक के साथ इसका समापन होगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि सभी जरूरी तैयारियां समय रहते पूरी की जाएं।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इस बार रामनवमी 6 अप्रैल को है, जब भगवान श्रीराम का अवतार हुआ था। इस खास अवसर पर अयोध्या समेत पूरे प्रदेश में खुशी का माहौल रहेगा। इसी क्रम में, सभी जिलों में अष्टमी के दिन दोपहर 12 बजे से अखंड मानस पाठ का आयोजन किया जाएगा, और उसकी पूर्णाहुति 24 घंटे बाद 6 अप्रैल को दोपहर ठीक 12 बजे होगी, जब अयोध्या में रामलला का सूर्य तिलक होगा। मुख्यमंत्री के आदेश के बाद, सभी जिलाधिकारियों ने अपने-अपने जिले के मंदिरों में कार्यरत पुजारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं।
मंदिरों में पुख्ता इंतजाम की व्यवस्था
जिलाधिकारियों ने मंदिरों में भव्य सजावट और विधिपूर्वक मानस पाठ के आयोजन के निर्देश दिए हैं। इसके लिए जिला मुख्यालयों पर विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को नवरात्रि और रामनवमी की तैयारियों को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान, उन्होंने बलरामपुर के देवीपाटन मंदिर, सहारनपुर के शाकुम्भरी देवी मंदिर, मिर्जापुर में विंध्यवासिनी देवी धाम और अन्य प्रमुख शक्तिपीठों में श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या के मद्देनजर उचित व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा।
बिजली कटौती पर सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि किसी भी मंदिर में श्रद्धालुओं के दर्शन और पूजा में कोई भी व्यवधान नहीं आना चाहिए। अयोध्या में सूर्य तिलक के दर्शन के लिए भी बड़ी संख्या में राम भक्त पहुंचेंगे, इसलिए श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होने चाहिए। उन्होंने मंदिरों में प्रवेश के लिए कतारों में छाया की व्यवस्था और तपती जमीन से बचाव के लिए जूट मैटिंग का आदेश दिया। साथ ही, पेयजल और छाया की व्यवस्था भी सुनिश्चित करने को कहा। मुख्यमंत्री ने बिजली निगम के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि नवरात्रि के दौरान एक सेकंड की भी बिजली कटौती बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नगर विकास और ग्राम्य विकास विभाग के अधिकारियों को भी अपने-अपने क्षेत्रों में उपयुक्त इंतजाम करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।















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