उत्तर प्रदेश सरकार ने आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए बड़ा फैसला लिया है। अब सरकार खुद भर्ती करेगी और कर्मचारियों को उचित वेतन व सुविधाएं मिलेंगी।
आउटसोर्स कंपनियों की जगह सरकार करेगी भर्ती
योगी सरकार ने निर्णय लिया है कि अब आउटसोर्सिंग कंपनियों को हटाकर सरकार खुद भर्ती करेगी। इसके लिए आउटसोर्स कर्मचारी भर्ती निगम बनाया जाएगा। इससे बिचौलियों की भूमिका खत्म होगी और कर्मचारियों के अधिकार सुरक्षित रहेंगे।
ऐसे होगी भर्ती प्रक्रिया

भर्ती प्रक्रिया ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से होगी। समूह ख और ग के पदों के लिए लिखित परीक्षा और इंटरव्यू होगा। समूह ग के कुछ पदों और समूह घ के सभी पदों के लिए सीधी भर्ती होगी। भर्ती के बाद कर्मचारी लगातार काम कर सकेंगे।
एक-एक साल का होगा कॉन्ट्रैक्ट
कर्मचारियों से एक-एक साल के लिए कॉन्ट्रैक्ट कराया जाएगा। जरूरत के अनुसार उनकी सेवाएं जारी रहेंगी। अगर कोई आपराधिक मामला दर्ज होता है या अनुशासनहीनता पाई जाती है, तो कर्मचारी को हटा दिया जाएगा।
मिलेगा आरक्षण और सीधा वेतन भुगतान
अनुसूचित जाति को 21%, अनुसूचित जनजाति को 2%, और ओबीसी को 27% आरक्षण मिलेगा। कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन ₹16,000 प्रति माह मिलेगा। वेतन सीधा कर्मचारियों के बैंक खाते में ट्रांसफर किया जाएगा ताकि किसी भी प्रकार का शोषण न हो।
ऐतिहासिक फैसला: श्रम मंत्री
श्रम मंत्री अनिल राजभर ने इसे ऐतिहासिक फैसला बताया है। उन्होंने कहा कि आउटसोर्स एजेंसियों के जरिए कर्मचारियों का शोषण हो रहा था, जिसे अब खत्म किया जाएगा। नई व्यवस्था से कर्मचारियों को न्याय मिलेगा और वेतन में पारदर्शिता बनी रहेगी।















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