Noida Elevated Road Project: दिल्ली-एनसीआर में रहने वाले और रोजाना नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे से यात्रा करने वालों के लिए राहत की खबर है। शहर की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए नोएडा प्राधिकरण ने एक नए एलिवेटेड रोड नेटवर्क की योजना को मंजूरी दे दी है। इस परियोजना के तैयार होने के बाद दिल्ली से नोएडा आने-जाने वाले लोगों को भारी ट्रैफिक जाम से काफी हद तक छुटकारा मिल सकेगा।
योजना के अनुसार यह एलिवेटेड रोड महामाया फ्लाईओवर के आसपास से शुरू होकर सेक्टर 94 तक विकसित किया जाएगा। इस मार्ग को ऐसे डिजाइन किया जा रहा है कि यह पहले से बन रहे चिल्ला एलिवेटेड रोड से भी जुड़ सके। इससे एक एकीकृत ट्रैफिक सिस्टम तैयार होगा, जहां वाहन बिना सिग्नल और रुकावट के लंबी दूरी आसानी से तय कर सकेंगे।

तकनीकी दृष्टि से सेक्टर 38 के सामने एक आधुनिक रैंप बनाया जाएगा। यह रैंप नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के ऊपर से गुजरते हुए चिल्ला एलिवेटेड रोड को सेक्टर 94 गोलचक्कर से जोड़ेगा। इससे दिल्ली और सेक्टर 15 की ओर से आने वाले वाहन सीधे सेक्टर 94 पहुंच सकेंगे, उन्हें मुख्य एक्सप्रेसवे पर उतरने की जरूरत नहीं होगी। इस व्यवस्था से कालिंदी कुंज और महामाया क्षेत्र के बीच होने वाली भीड़ कम होगी और यात्रियों का करीब 15 से 20 मिनट का समय बचेगा।
यमुना पुश्ता रोड पर 6-लेन एक्सप्रेसवे
इस मास्टर प्लान में सेक्टर 94 से सेक्टर 150 तक यमुना पुश्ता रोड पर छह लेन का नया एक्सप्रेसवे बनाने की तैयारी भी शामिल है। इस नए मार्ग से सेक्टर 125, 126 और 127 जैसे आईटी और शिक्षा केंद्रों को सीधा लाभ मिलेगा। एमिटी यूनिवर्सिटी और आसपास के दफ्तरों में आने-जाने वाले लोगों के लिए सफर पहले से अधिक सुगम हो जाएगा। पहले प्रस्ताव था कि चिल्ला रोड का रैंप शहदरा नाले के पास उतारा जाए, लेकिन अब इसे एलिवेटेड रोड से जोड़ने का निर्णय लिया गया है, जिससे यातायात और ज्यादा सुचारु रहेगा।
जेवर एयरपोर्ट से बढ़ेगी अहमियत ✈️
इस परियोजना की रफ्तार बढ़ने की एक बड़ी वजह जेवर में बन रहा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट भी है। एयरपोर्ट शुरू होने के बाद दिल्ली और आईजीआई एयरपोर्ट से जेवर तक बेहतर कनेक्टिविटी की जरूरत बढ़ जाएगी। नया एलिवेटेड रोड मयूर विहार से जेवर एयरपोर्ट तक की यात्रा को तेज और सुविधाजनक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
आगे की प्रक्रिया
प्राधिकरण की स्वीकृति मिलने के बाद अब परियोजना की विस्तृत डीपीआर तैयार की जा रही है। इसके बाद तकनीकी जांच और सुरक्षा मानकों के लिए इसे आईआईटी भेजा जाएगा। मंजूरी मिलते ही टेंडर जारी होंगे और निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।











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