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RSS 100 Years: मुंबई में ‘नया क्षितिज’ सम्मेलन, मोहन भागवत करेंगे संबोधन

RSS 100 Years

RSS 100 Years: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के स्थापना के 100 साल पूरे होने के अवसर पर मुंबई में एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस संबंध में संघ के प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने मंगलवार को प्रेस वार्ता कर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्ली स्थित नेहरू सेंटर में आयोजित दो दिवसीय सम्मेलन ‘नया क्षितिज’ में संघ प्रमुख मोहन भागवत मुख्य वक्ता के तौर पर मौजूद रहेंगे और विभिन्न मुद्दों पर अपने विचार साझा करेंगे।

1200 गणमान्य लोगों को निमंत्रण
आंबेकर ने बताया कि इस सम्मेलन के लिए करीब 1200 विशिष्ट अतिथियों को आमंत्रित किया गया है, जिनमें से लगभग 900 लोगों के शामिल होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि संघ समाज में सकारात्मक बदलाव और आपसी समन्वय स्थापित करने की दिशा में लगातार काम कर रहा है। यह आयोजन संगठन की शताब्दी वर्षगांठ के उपलक्ष्य में रखा गया है।

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फिल्म और खेल जगत की हस्तियां भी रहेंगी मौजूद
कार्यक्रम में मनोरंजन और खेल जगत से जुड़ी कई प्रसिद्ध हस्तियों को भी बुलाया गया है। जानकारी के मुताबिक फिल्म निर्माता बोनी कपूर, गायिका आशा भोसले समेत कई नामी चेहरे इसमें शामिल होंगे। साथ ही बैडमिंटन खिलाड़ी चिराग शेट्टी की उपस्थिति भी तय मानी जा रही है। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं को भी आमंत्रण भेजा गया है।

देशभर में 87 हजार से अधिक शाखाएं
आंबेकर ने बताया कि संघ ने पिछले वर्ष अक्टूबर से ‘गृह संपर्क अभियान’ शुरू किया है, जिसके तहत कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों से संवाद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुंबई में संघ की गतिविधियां 1935 से शुरू हुई थीं और आज देशभर में 87 हजार से ज्यादा शाखाएं सक्रिय हैं। संघ के स्वयंसेवक अलग-अलग क्षेत्रों के लोगों से नियमित संपर्क बनाए रखते हैं।

यूजीसी विवाद और रंग वाले बयान पर प्रतिक्रिया
यूजीसी के नए नियमों पर चल रही बहस को लेकर आंबेकर ने कहा कि इस विषय पर समाज के विभिन्न वर्गों ने अपने विचार रखे हैं। उनका मानना है कि सभी को साथ लेकर चलना जरूरी है। उन्होंने बताया कि मामला फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में है और उम्मीद है कि इसका समाधान सकारात्मक दिशा में निकलेगा। वहीं AIMIM नेता असदुद्दीन ओवैसी के ‘हरे रंग’ वाले बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि भारत की सांस्कृतिक पहचान सदियों से भगवा रंग से जुड़ी रही है और आगे भी यही बनी रहेगी।

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