Delhi Missing Persons: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में लोगों के रहस्यमयी तरीके से गायब होने की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। नए साल के पहले 27 दिनों में ही 807 लोगों के लापता होने की शिकायतें दर्ज हुई हैं। इनमें 137 बच्चे शामिल हैं, जिनका अभी तक कोई सुराग नहीं मिल सका है।
पुलिस ने इन मामलों में कार्रवाई करते हुए 235 लोगों को ढूंढ निकाला है, लेकिन अब भी सैकड़ों लोग लापता हैं। औसतन देखा जाए तो राजधानी से रोजाना करीब 27 लोग गायब हो रहे हैं, जबकि लगभग 9 लोगों को प्रतिदिन ट्रेस किया जा रहा है। आंकड़े बताते हैं कि महिलाओं और किशोरियों की संख्या सबसे ज्यादा है।

दिल्ली में गुमशुदगी का यह संकट कोई नया नहीं है। पुलिस डेटाबेस और जिपनेट के रिकॉर्ड के अनुसार पिछले कई वर्षों से हजारों लोग हर साल लापता होते रहे हैं, जिनमें से कई का अब तक कोई पता नहीं चल पाया है। नाबालिगों, खासकर 12 से 18 वर्ष की लड़कियों के मामलों ने चिंता और बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि इनमें से कुछ मामलों में अपराध या अपहरण की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
आंकड़ों के मुताबिक, वयस्कों के 600 से अधिक मामलों में सैकड़ों लोग अब भी अनट्रेस्ड हैं। वहीं 191 नाबालिगों में से केवल 48 बच्चों को खोजा जा सका, जबकि 137 बच्चे अभी भी गायब हैं।
पिछले एक दशक के रिकॉर्ड भी डराने वाले हैं। हजारों बच्चों के लापता होने की शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें बड़ी संख्या आज भी नहीं मिली। लगातार बढ़ती गुमशुदगी की घटनाएं सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं।














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