उत्तर प्रदेश के मथुरा ज़िले में बुधवार को दिनदहाड़े हुई एक सनसनीखेज वारदात ने पूरे इलाके को दहला दिया। घटना इतनी अचानक और खतरनाक थी कि जिसने भी सुना, उसके रोंगटे खड़े हो गए। नगला बिहारी गांव के रहने वाले नकुल नाम के एक युवक पर अज्ञात हमलावरों ने एक साथ 15 राउंड फायर झोंक दिए। गोलीबारी इतनी नजदीक से की गई कि नकुल की पीठ में दो गोलियां धंस गईं। वारदात के बाद पूरे इलाके में डर और अफरा-तफरी फैल गई, जबकि पुलिस और फॉरेंसिक टीमें घटनास्थल पर पहुंचकर जांच में जुट गईं।
यह सब दोपहर के वक्त हुआ, जब नकुल अपने चचेरे भाई तेजवीर के साथ गांव नगला बिहारी में JCB चलाने का काम खत्म कर घर लौट रहा था। दोनों ने सुबह से मिट्टी कटाई का काम किया था और अब थके हुए अपने गांव की तरफ जा रहे थे। रास्ते में भरेरा गांव के पास जैसे ही उनकी JCB पहुंची, सड़क के किनारे छुपे चार-पांच नकाबपोश हमलावर अचानक बाहर निकले। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हमलावर पहले से घात लगाए बैठे थे। वे इतनी तेजी से सामने आए कि नकुल और तेजवीर को कुछ समझने का मौका ही नहीं मिला।
हमलावरों ने बिना कोई चेतावनी दिए ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। गोलियों की गूंज इतनी तेज थी कि आस-पास के खेतों में काम कर रहे किसान भी घबरा गए और भागकर दूर छुप गए। 15 राउंड फायरिंग के दौरान गोलियां JCB की बॉडी और शीशों में धंसती चली गईं। नकुल, जो ड्राइविंग सीट पर था, सीधे निशाने पर आ गया। दो गोलियां उसकी पीठ में लगीं और वह वहीं लहूलुहान होकर गिर पड़ा।
तेजवीर ने किसी तरह झुककर खुद को बचाया और तुरंत JCB को सड़क किनारे रोक दिया। हमलावरों ने नकुल को गिरते देखा, लेकिन गोलियां चलाना नहीं रोका। करीब आधा मिनट तक लगातार गोलीबारी के बाद वे भागते हुए पास के गन्ने के खेतों में घुस गए। कुछ ग्रामीणों ने दूर से उनका पीछा करने की कोशिश की, लेकिन हथियार देखकर कोई आगे नहीं बढ़ा।
वारदात के तुरंत बाद इलाके में दहशत फैल गई। तेजवीर ने मोबाइल निकालकर पुलिस को फोन किया और साथ ही कुछ ग्रामीणों की मदद से नकुल को JCB से उतारकर पास के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की ओर दौड़ा। हालत गंभीर देख डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। वहां के डॉक्टरों ने बताया कि एक गोली रीढ़ की हड्डी के पास धंसी हुई है, जिसे निकालने के लिए ऑपरेशन करना पड़ेगा, जबकि दूसरी गोली मांसपेशियों में फंसी है। नकुल की हालत फिलहाल नाज़ुक बनी हुई है और उसे ICU में रखा गया है।
गांव के लोग सदमे में हैं। नगला बिहारी और भरेरा के बीच का यह रास्ता आमतौर पर शांत रहता है। दिन में वहां से किसान, मजदूर और स्कूल के बच्चे भी गुजरते हैं। लेकिन इस घटना ने सभी की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वृद्ध रामखिलावन, जो घटनास्थल से कुछ दूरी पर खेत में काम कर रहे थे, बताते हैं कि पहले तो उन्हें लगा कि कोई पटाखे फूट रहे हैं, लेकिन जब उन्होंने देखा कि नकुल गिर पड़ा है और हमलावर बंदूकें लहराते हुए भाग रहे हैं, तो उनके पैरों तले ज़मीन खिसक गई।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर चार खाली कारतूस, पांच जिंदा कारतूस और JCB के शीशों में फंसी दो गोलियां बरामद कीं। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से मिट्टी और खून के सैंपल भी लिए। एसएसपी मथुरा शैलेश पांडेय ने मौके का मुआयना करने के बाद कहा कि यह हमला साफतौर पर पूर्व-नियोजित था और हमलावरों को नकुल की दिनचर्या की पूरी जानकारी थी। पुलिस ने आसपास के CCTV फुटेज खंगालने शुरू कर दिए हैं, हालांकि गांव के इस हिस्से में कैमरे कम हैं, जिससे जांच में दिक्कत आ रही है।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि शुरुआती जांच में यह मामला पुरानी रंजिश या पेशेवर दुश्मनी से जुड़ा हो सकता है। नकुल का नाम पहले भी कुछ छोटे-मोटे विवादों में आया था, लेकिन उसका कोई गंभीर आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। गांव के लोग उसे मेहनती और मददगार बताते हैं। वह कई साल से JCB चलाकर अपने परिवार का पेट पाल रहा था। उसकी पत्नी और दो छोटे बच्चे हैं, जो इस वक्त गहरे सदमे में हैं।
वारदात के बाद भरेरा और नगला बिहारी के बीच पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है। शाम होते-होते STF की एक टीम भी जांच में शामिल हो गई। ग्रामीणों ने पुलिस से इलाके में गश्त बढ़ाने और अपराधियों को जल्द पकड़ने की मांग की है। इस बीच अफवाहें भी फैल रही हैं—कुछ लोग कह रहे हैं कि यह हमला जमीन के विवाद से जुड़ा है, तो कुछ का मानना है कि किसी ठेकेदारी के झगड़े की वजह से यह सब हुआ। पुलिस ने इन सभी पहलुओं पर जांच करने की बात कही है।
हमलावरों की तलाश में पुलिस ने कई जगह छापेमारी की है और नकुल के परिचितों से पूछताछ की जा रही है। घटनास्थल से लगभग तीन किलोमीटर दूर एक सुनसान खेत में जली हुई बाइक मिली है, जिसके बारे में शक है कि हमलावरों ने भागने के बाद सबूत मिटाने के लिए उसे आग के हवाले कर दिया। फॉरेंसिक टीम ने बाइक के नंबर प्लेट के कुछ हिस्से बरामद किए हैं, जो जांच में मदद कर सकते हैं।
इलाके में फिलहाल तनाव का माहौल है। नकुल के रिश्तेदार और गांव के लोग जिला अस्पताल के बाहर डटे हुए हैं। कई युवाओं ने सोशल मीडिया पर हमलावरों को पकड़ने और सख्त सज़ा देने की मांग करते हुए वीडियो डाले हैं। वहीं प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और जांच में सहयोग करें।
इस घटना ने मथुरा में कानून-व्यवस्था को लेकर भी बहस छेड़ दी है। विपक्षी दलों ने राज्य सरकार पर आरोप लगाया है कि अपराधी खुलेआम हथियार लेकर घूम रहे हैं और पुलिस नाकाम है। वहीं ruling पार्टी के नेताओं का कहना है कि अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और 48 घंटे के अंदर गिरफ्तारी होगी।
नकुल की हालत में थोड़ी भी सुधार की खबर का इंतज़ार पूरे गांव को है। अस्पताल में मौजूद डॉक्टरों का कहना है कि अगले 24 घंटे उसके लिए बेहद अहम हैं। उसके परिजन भगवान से उसकी सलामती की प्रार्थना कर रहे हैं।
भरेरा गांव का यह रास्ता अब भी सूना पड़ा है, जहां कुछ दिन पहले तक ट्रैक्टर और साइकिलें गुजरती थीं। वहां बस गोली के निशान, टूटा शीशा और खून के धब्बे बचे हैं, जो इस खौफनाक घटना की गवाही दे रहे हैं। गांव के बच्चे उस तरफ जाने से डर रहे हैं और बड़े-बुजुर्ग अब अपने घरों से शाम के बाद निकलना भी कम कर चुके हैं।
यह वारदात मथुरा के लोगों को लंबे समय तक याद रहेगी। गोली की आवाज़, धूल में लिपटी JCB, भागते हमलावर और खून से सनी सड़क — यह सब मिलकर एक ऐसा मंजर बनाते हैं, जो किसी के भी दिल को दहला सकता है। और तब तक यह डर बना रहेगा, जब तक हमलावर पकड़ में नहीं आते और नकुल अपने पैरों पर खड़ा नहीं हो जाता।















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