बागपत (उत्तर प्रदेश): बड़ौत के चर्चित प्रॉपर्टी डीलर सतवीर सिंह हत्याकांड में 11 साल बाद बड़ा अपडेट सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में फरार चल रही मुख्य आरोपित और 25 हजार रुपये की इनामी पत्नी अंजू को गाजियाबाद के कविनगर क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया है। अंजू लंबे समय से वहीं रह रही थी और पुलिस को लगातार चकमा दे रही थी।
हत्या का मामला – 25 दिसंबर 2014 की वारदात
बड़ौत की पट्टी चौधरान निवासी प्रॉपर्टी डीलर सतवीर सिंह की **25 दिसंबर 2014** को उनके ही घर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना के बाद मृतक के बहनोई संजीव कुमार ने बड़ौत कोतवाली में अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। बाद में स्वजन ने हत्या का शक सतवीर की पत्नी अंजू और उसके कुछ दोस्तों पर जताया था।
संपत्ति के लालच में कराई थी सुपारी किलिंग
पुलिस विवेचना में सामने आया कि करोड़ों रुपये की संपत्ति के लालच में अंजू ने अपने पति सतवीर सिंह की हत्या की साजिश रची थी। इसके लिए उसने अपने परिचितों के जरिए शूटरों को सुपारी दी थी। जांच में अंजू के साथ **एलम नगर पंचायत की अध्यक्ष रीना के पति अश्वनी पंवार** का नाम भी सामने आया था। इस मामले में अश्वनी और दो शूटर पहले ही जेल भेजे जा चुके हैं।
क्लीनचिट और सुप्रीम कोर्ट का हस्तक्षेप
अश्वनी पक्ष की अपील पर शासन ने मामले की पुनः विवेचना सीबीसीआईडी (CBCID) को सौंपी थी। विवेचना के बाद CBCID ने अंजू और अश्वनी को क्लीनचिट दे दी थी। हालांकि, मृतक की मां बोहती देवी ने इस कार्रवाई को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। सुप्रीम कोर्ट ने 28 अप्रैल 2023 को CBCID की रिपोर्ट को खारिज कर दिया और पहले की जांच को सही माना। इसके बाद अश्वनी ने 15 अक्टूबर 2022 को बागपत सीजेएम कोर्ट में आत्मसमर्पण किया था।
अब गिरफ्तारी के बाद नया मोड़
एसपी सूरज कुमार राय ने बताया कि अंजू को स्वाट टीम और बड़ौत पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई में गिरफ्तार किया है। अंजू से पूछताछ जारी है और पुलिस उम्मीद कर रही है कि वह हत्याकांड की कई कड़ियों को उजागर कर सकती है।
मुख्य बिंदु:
* 2014 में प्रॉपर्टी डीलर सतवीर सिंह की गोली मारकर हत्या
* पत्नी अंजू पर हत्या की साजिश रचने का आरोप
* अंजू पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था
* CBCID ने दी थी क्लीनचिट, सुप्रीम कोर्ट ने रिपोर्ट खारिज की
* 11 साल बाद गाजियाबाद से गिरफ्तार















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