अक्सर अपने बयानों से सुर्खियों में रहने वाले आरएलपी प्रमुख हनुमान बेनीवाल ने एक बार फिर ऐसा बयान दिया है जिसने राजस्थान की सियासत में हलचल मचा दी है। जोधपुर एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत में बेनीवाल ने कहा कि अपराधियों के अवैध ही नहीं, बल्कि वैध निर्माण भी गिरा देने चाहिए ताकि उनमें डर पैदा हो। उन्होंने यहां तक कहा कि राजस्थान में कुछ एनकाउंटर होने चाहिए—अगर जरूरत पड़े तो फेक एनकाउंटर भी किए जाएं—ताकि अपराधियों में कानून का खौफ वापस लौटे।
बेनीवाल ने कहा कि जैसे उत्तर प्रदेश और पंजाब में पुलिस कार्रवाई के जरिए अपराध पर लगाम लगाई गई, वैसे ही अब राजस्थान में भी सख्त कदम उठाने की जरूरत है। उन्होंने प्रदेश की बिगड़ी कानून व्यवस्था पर निशाना साधते हुए कहा कि “राजस्थान की कानून व्यवस्था वेंटिलेटर पर है।”
आरएलपी सुप्रीमो ने बताया कि कुचामन इलाके में कई लोगों को धमकियां मिल रही हैं। विदेशों में बैठे कुछ बड़े अपराधी अब ऑनलाइन रंगदारी और चौथ वसूली कर रहे हैं, जिनका नेटवर्क बहुत बड़ा है। उन्होंने राज्य सरकार और केंद्र से मांग की कि ऐसे अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और इंटरपोल के माध्यम से उन्हें भारत लाकर सजा दी जाए।
बेनीवाल ने उदाहरण देते हुए कहा कि हाल ही में रमेश रुलानिया को रंगदारी देने से इनकार करने पर जान गंवानी पड़ी, और ऐसी घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। प्रदेश में जातीय संघर्ष और गैंगवार की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि जब खुद मुख्यमंत्री को पांच बार धमकी मिल चुकी है, तो आम जनता कितनी असुरक्षित महसूस कर रही होगी।
राज्य सरकार पर हमला बोलते हुए बेनीवाल ने कहा कि राजस्थान में अब “एक नई लड़ाई” की जरूरत है — कानून व्यवस्था को पटरी पर लाने की। उनके मुताबिक न कोई मंत्री जनता की सुनता है और न ही अधिकारी जवाबदेह हैं। “पूरे राज्य में सरकार सिर्फ ब्यूरोक्रेसी के भरोसे चल रही है। दवा कंपनियों से लेकर प्रशासन तक में अव्यवस्था फैल चुकी है। राजस्थान आज देश के सबसे बुरे हाल वाले राज्यों में शामिल हो गया है।”















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