उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को झांसी में आयोजित अखिल भारतीय विद्या भारती क्षेत्रीय खेलकूद समारोह के समापन कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने न सिर्फ युवाओं को प्रोत्साहित किया, बल्कि राज्य के बदलते स्वरूप और विकास की दिशा पर भी जोर दिया।
सीएम योगी ने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश माफियाओं और दंगाइयों के कब्जे में था। पिछली सरकारों के समय माफिया सौदेबाजी करते थे और आम जनता भय के माहौल में जीती थी। लेकिन अब तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है — आज उत्तर प्रदेश शांति, सुरक्षा और निवेश के लिए जाना जाता है।
उन्होंने कहा, “जब 1947 में देश आज़ाद हुआ, तब खुद को ‘सेक्युलर’ दिखाने की होड़ मच गई थी। भारत की सांस्कृतिक जड़ों को गाली देने वाले लोगों को सम्मानित किया जाता था। ऐसे लोग अलगाववाद को बढ़ावा देते थे, लेकिन अब उत्तर प्रदेश अपनी असली पहचान और गौरव को फिर से पा रहा है।”
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि अब यूपी बीमारू राज्य नहीं रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश की अर्थव्यवस्था देश में दूसरे स्थान पर पहुंच चुकी है और अगले तीन वर्षों में पहला स्थान हासिल करने का लक्ष्य रखा गया है।
खेल और युवा नीति पर बड़ा ऐलान:
सीएम योगी ने कहा कि अब खेलकूद को समय की बर्बादी नहीं, बल्कि करियर का नया रास्ता माना जा रहा है। जो खिलाड़ी राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतेंगे, उन्हें सीधी भर्ती के माध्यम से सरकारी नौकरी दी जाएगी। उन्होंने बताया कि यूपी के पदक विजेताओं को डिप्टी एसपी, कानूनगो, या खेल अधिकारी जैसे पदों पर सीधे नियुक्त किया जाएगा।
इसके साथ ही सीएम ने भानी देवी गोयल इंटर कॉलेज, झांसी में एक मिनी स्टेडियम बनाने की घोषणा की, ताकि विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ खेलों में भी उत्कृष्ट अवसर मिल सकें।
अपने संबोधन में उन्होंने महारानी लक्ष्मीबाई और मेजर ध्यानचंद को नमन करते हुए युवाओं से ‘विकसित भारत के संकल्प’ को साकार करने में योगदान देने की अपील की।














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