
स्वयंभू धर्मगुरु स्वामी चैतन्यानंद यौन शोषण मामले में फिलहाल पांच दिन की पुलिस हिरासत में हैं। दिल्ली पुलिस की टीम उन्हें उस निजी प्रबंधन संस्थान लेकर पहुंची, जहां कथित वारदात हुई थी, और उनकी मौजूदगी में क्राइम सीन को रीक्रिएट किया।
62 वर्षीय चैतन्यानंद को हाल ही में आगरा के एक होटल से गिरफ्तार किया गया था। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, संस्थान पहुंचकर उनके कार्यालय, परिसर और छात्रावास में लगे सीसीटीवी कैमरों के बारे में पूछताछ की गई। छात्रावास के बाथरूम के बाहर भी कैमरे लगे थे, जिनकी फुटेज उनके मोबाइल पर सीधे देखी जा सकती थी।
अब पुलिस उनका सामना उनकी तीन महिला सहयोगियों से कराने जा रही है, जिन पर छात्रों को धमकाने और बाबा द्वारा भेजे गए अश्लील मैसेज को डिलीट करवाने के आरोप हैं। जुलाई से विदेश में रहने के बाद 6 अगस्त को लौटे चैतन्यानंद पर केस दर्ज होते ही लुकआउट नोटिस जारी कर दिया गया था।
गिरफ्तारी से बचने के लिए वह वृंदावन, मथुरा और आगरा के बीच अलग-अलग जगहों पर ठिकाने बदलते रहे। उन्होंने प्रशासन से समर्थन लेने के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय से संबंध होने का झूठा दावा भी किया था। पुलिस ने उनके पास से तीन मोबाइल, एक iPad बरामद किया और उनके खातों में जमा लगभग 8 करोड़ रुपये फ्रीज कर दिए हैं। शिकायतों में आरोप है कि चैतन्यानंद छात्राओं को देर रात अपने क्वार्टर में बुलाते, उन्हें अश्लील संदेश भेजते और सीसीटीवी के जरिए उनकी गतिविधियों पर नजर रखते थे।













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