मथुरा:समाज कल्याण विभाग की सामूहिक विवाह योजना इस बार गंभीर लापरवाही का शिकार होती दिख रही है। शासन ने जिले को 584 जोड़ों का विवाह कराने का लक्ष्य दिया है, लेकिन अब तक एक भी आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है।
नवंबर में इस योजना के तहत विवाह समारोह आयोजित किया जाना है, लेकिन तैयारी का हाल देखकर लगता है कि यह आयोजन केवल औपचारिकता बनकर न रह जाए। पिछले वर्ष जहां 250 के लक्ष्य के मुकाबले केवल 142 जोड़ों का ही विवाह कराया जा सका था, वहीं इस बार स्थिति उससे भी अधिक चिंताजनक है।
सहालग का समय शुरू होने के बावजूद न तो ब्लॉक स्तर पर आवेदन लिए जा रहे हैं और न ही सत्यापन का कार्य शुरू हुआ है। विभाग के पास फिलहाल केवल 40 पुराने आवेदन हैं, जो पिछले साल अपात्र पाए गए थे, और संभावना है कि इस बार भी वे अस्वीकार हो जाएंगे।
ब्लॉक स्तर पर जिम्मेदार कर्मचारियों की लापरवाही खुलकर सामने आ रही है। जिलाधिकारी सीपी सिंह पहले ही आवेदन और सत्यापन कार्य में तेजी लाने के निर्देश दे चुके हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति जस की तस है।
अब सवाल यह उठ रहा है कि जब आवेदन ही नहीं लिए जा रहे हैं, तो विवाह समारोह समय पर कैसे संपन्न होगा? विभाग की उदासीनता के कारण यह योजना फिलहाल अधर में लटकी नजर आ रही है।
सूत्रों के अनुसार, डीएम को जल्द ही ब्लॉक अधिकारियों और कर्मचारियों की इस लापरवाही की रिपोर्ट भेजी जाएगी ताकि जिम्मेदारी तय की जा सके।















Leave a Reply