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खबर का शिकार

‘बिटकैपिटलएक्स’ क्रिप्टो स्कीम के नाम पर महिला से 15 लाख की ठगी — 1500 करोड़ का महाघोटाला बेनकाब

क्रिप्टोकरेंसी में तेज़ मुनाफे का लालच देकर एक महिला से 15 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। यह ठगी ‘बिटकैपिटलएक्स (BitCapitalX)’ नाम की फर्जी क्रिप्टो स्कीम के माध्यम से की गई, जिसने अब तक देशभर में हजारों लोगों को लगभग 1500 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाया है।

पीड़िता, जो गाजियाबाद के पास एक छोटे शहर की रहने वाली हैं, ने बताया कि इस गैंग ने उन्हें 60 दिनों में निवेश दोगुना करने का झांसा दिया। शुरुआत में मामूली मुनाफा दिखाकर भरोसा जीता गया और फिर बड़े निवेश करवाए गए।

यह स्कीम जून 2025 में शुरू हुई थी। ‘बिटकैपिटलएक्स’ खुद को एक क्रांतिकारी क्रिप्टो प्रोजेक्ट बताकर मल्टी-लेवल मार्केटिंग (एमएलएम) मॉडल पर काम कर रही थी। छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में वेबिनार, सोशल मीडिया कैंपेन और स्थानीय इवेंट्स के ज़रिए लोगों को निवेश के लिए उकसाया गया।

पीड़िता ने बताया —

> “कंपनी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने कॉइन के लॉन्च का दावा किया, मगर न कोई वैध रजिस्ट्री थी, न किसी रेगुलेटरी अथॉरिटी की अनुमति। मैंने अपनी जमा-पूंजी से 15 लाख रुपये निवेश किए, लेकिन अब कोई जवाब नहीं दे रहा।”

महिला ने गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर शिकायत की है और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर भी रिपोर्ट दर्ज कराई है। उनका कहना है कि इस गिरोह के तार विदेशों, विशेष रूप से पाकिस्तान से जुड़े हैं।

सूत्रों के मुताबिक, यह नेटवर्क पंजाब, उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों तक फैला हुआ है। हाल ही में इस गैंग ने गोवा, थाईलैंड और लखनऊ में आलीशान पार्टियों का आयोजन किया, जहां नए निवेशकों को फंसाया गया।

मुख्य आरोपी बृजेश कुमार (पिता: नंद किशोर, निवासी शामपुरा, रोपड़, पंजाब; वर्तमान पता: रांची, झारखंड) और नीलेश प्रताप सिंह (पिता: राजेश प्रताप सिंह, निवासी पूरे मर्दन सिंह, रायबरेली; अस्थायी पता: धनास, चंडीगढ़) वर्तमान में फरार हैं। माना जा रहा है कि ये आरोपी दुबई या थाईलैंड में छिपे हो सकते हैं।

दोनों आरोपी पहले भी Botro, TLC, QFX और Yorker FX जैसी फर्जी एमएलएम और क्रिप्टो कंपनियों से जुड़े रहे हैं।

पीड़िता ने सरकार और जांच एजेंसियों से आग्रह किया है कि आरोपियों के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर (LOC) जारी किया जाए और ईडी, सीबीआई तथा साइबर क्राइम विशेषज्ञों की संयुक्त टीम से जांच कराई जाए।

> “यह सिर्फ मेरा मामला नहीं है, बल्कि हजारों भारतीयों की मेहनत की कमाई से जुड़ा अपराध है। सरकार से मेरी अपील है कि इस अंतरराष्ट्रीय गिरोह पर सख्त कार्रवाई की जाए।” — *पीड़िता आरती (नाम गोपनीय)

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