इस साल पंजाब ने इतिहास की सबसे भयंकर बाढ़ का सामना किया है। 1988 में जहां करीब 11 लाख क्यूसेक पानी आया था, वहीं इस बार 16 लाख क्यूसेक तक पहुंच गया। हालांकि घग्गर नदी ने इस बार तबाही नहीं मचाई, वरना हालात और गंभीर हो सकते थे। सबसे ज्यादा नुकसान ब्यास और रावी नदी के किनारे बसे इलाकों में हुआ है। गांव डूब गए, खेत बर्बाद हो गए और लोग बेघर हो गए।
ऐसे हालात में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आजतक को दिए खास इंटरव्यू में राज्य की स्थिति और आगे की योजना पर विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि पंजाब इस समय भीषण आपदा से गुजर रहा है और सरकार नुकसान की भरपाई के लिए ठोस कदम उठा रही है।
मान ने बातचीत में अपना निजी परिचय भी दिया। उन्होंने बताया कि वे संगरूर जिले के एक छोटे से गांव में पैदा हुए, बचपन मिट्टी और भैंसों के बीच बीता और कॉलेज में कॉमेडी से शुरुआत कर लोगों का प्यार पाया। फिर राजनीति में आए, सांसद बने और 2022 में 92 सीटों के साथ मुख्यमंत्री पद तक पहुंचे।
उन्होंने भावुक होकर कहा, “मुझे मुख्यमंत्री मत कहो, मैं पंजाब का ‘दुख्य मंत्री’ हूं। पंजाब का हर दुख मेरे पास आता है और उसे दूर करना मेरी जिम्मेदारी है।”














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