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बरेली होकर गुजरने वाली 10 विशेष ट्रेनें जल्द बनेंगी नियमित, किराए में होगी कमी; कार्तिक पूर्णिमा पर ट्रेनों में यात्रियों का भारी दबाव

बरेली से होकर गुजरने वाली लंबी दूरी की पांच जोड़ी यानी कुल 10 विशेष ट्रेनों को अब नियमित दर्जा देने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। रेलवे ने इन ट्रेनों को एक से दो साल पहले “विशेष” श्रेणी में चलाना शुरू किया था, लेकिन लगातार अच्छी सवारियों के चलते उनका संचालन बंद नहीं किया गया। अब जब इन्हें “नियमित ट्रेन” का दर्जा मिलेगा, तो किराया भी घट जाएगा।

इन ट्रेनों में शामिल हैं —

09076/75 काठगोदाम–मुंबई सेंट्रल एक्सप्रेस, जो दो साल से अधिक समय से विशेष ट्रेन के रूप में चल रही है।
05074/73 लालकुआं–बेंगलुरु साप्ताहिक विशेष, जिसे लगभग एक साल पूरा होने वाला है।
इसके अलावा 04518/17 चंडीगढ़–गोरखपुर, 04211/12 वाराणसी–चंडीगढ़ और 04313/14 हरिद्वार–मुजफ्फरपुर एक्सप्रेस भी लंबे समय से विशेष श्रेणी में चल रही हैं।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इन सभी ट्रेनों में 70 से 90 प्रतिशत तक यात्री भार बना रहता है। इसी कारण अब इन्हें स्थायी रूप से नियमित करने की दिशा में काम हो रहा है। मुख्य वाणिज्य निरीक्षक इमरान ने बताया कि फिजिबिलिटी रिपोर्ट के आधार पर उच्च स्तर पर प्रक्रिया चल रही है और जल्द कुछ ट्रेनों को नियमित दर्जा दिया जा सकता है।

कार्तिक पूर्णिमा पर यात्रियों की भीड़ बढ़ी
सहालग (शादी) के मौसम के साथ ही कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर यात्रियों की भीड़ में भारी इजाफा हुआ है। पहले से ठसाठस चल रही ट्रेनों में अब और भी दबाव बढ़ गया है। कन्फर्म टिकट मिलना बेहद मुश्किल हो गया है और कई यात्री सामान्य टिकट लेकर आरक्षित कोचों में सवार हो रहे हैं, जिससे अव्यवस्था बढ़ रही है।

दीपावली और छठ पूजा के बाद से कामगारों की वापसी यात्रा भी जारी है, जिसके कारण पूर्वांचल और बिहार जाने वाली ट्रेनों में लंबी वेटिंग चल रही है। बरेली से प्रयागराज, वाराणसी, हरिद्वार, ऋषिकेश और गढ़मुक्तेश्वर जाने वाली ट्रेनों में बुकिंग खुलते ही सभी सीटें भर जा रही हैं।

सामान्य कोचों की संख्या कम होने के कारण यात्री पायदानों पर बैठकर या दरवाजों से लटककर यात्रा करने को मजबूर हैं। महिला और दिव्यांग कोचों में भी भीड़ बढ़ गई है। रेलवे ने कुछ ट्रेनों में अतिरिक्त सामान्य कोच जोड़े हैं, लेकिन वह भी यात्रियों की बढ़ती भीड़ के सामने नाकाफी साबित हो रहे हैं।

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