21 नवंबर 2025 से लागू नए लेबर कोड (New Labour Code) ने कर्मचारियों के लिए कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। इनमें सबसे बड़ा और असरदार बदलाव है फुल एंड फाइनल (FnF) सेटलमेंट को बेहद तेज और आसान बनाना।
पहले कंपनियों को FnF देने में 30–45 दिन तक लग जाते थे। इस देरी की वजह से नई नौकरी जॉइन करने के दौरान कर्मचारियों को पैसों की दिक्कतें झेलनी पड़ती थीं। नए लेबर कोड ने इस समस्या को खत्म करने के लिए एक सख्त टाइमलाइन तय कर दी है, जिसका सभी कंपनियों को पालन करना अनिवार्य होगा।
2 दिनों में पूरा होगा FnF सेटलमेंट
‘कोड ऑन वेजेज, 2019’ के तहत अब किसी भी कर्मचारी का फुल एंड फाइनल सेटलमेंट आखिरी वर्किंग डे के सिर्फ दो कामकाजी दिनों के अंदर कर देना होगा—चाहे कर्मचारी ने इस्तीफा दिया हो, उसे नौकरी से निकाला गया हो, छंटनी हुई हो या कंपनी बंद हो रही हो।
पहले कुछ कंपनियां आखिरी दिन ही FnF निकाल देती थीं, जबकि कई इसे 30 दिन की अंदरूनी समय-सीमा में करती थीं। वजह यह थी कि ग्रेच्युटी, लीव इनकैशमेंट जैसे विभिन्न पेमेंट की अलग-अलग डेडलाइन होती हैं, जिनकी वजह से पूरा सेटलमेंट एक साथ किया जाता था।
नए वेज कोड में एक समान नियम
कानूनी विशेषज्ञ अर्जुन पलेरी के अनुसार, नया वेज कोड सभी तरह की नौकरी छोड़ने की स्थितियों में समान नियम लागू करता है।
वेज कोड 2019 के सेक्शन 17(2) के तहत, कर्मचारी की आखिरी सैलरी और पूरा FnF (ग्रेच्युटी जैसे कुछ पेमेंट को छोड़कर) दो वर्किंग डे के भीतर अनिवार्य रूप से दिया जाना चाहिए।















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