दिल्ली-NCR की हवा मंगलवार को फिर बेहद जहरीली हो गई। कई इलाकों में AQI 600 से ऊपर दर्ज किया गया, जो स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा माना जाता है। बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक खांसी, सांस लेने में दिक्कत, गले में खराश और आंखों में जलन जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं।
बिगड़ते हालात को देखते हुए पूरे NCR में GRAP-4 लागू करने पर फैसला हो सकता है।
क्या स्कूल बंद होंगे?
फिलहाल GRAP-3 लागू है, जिसमें स्कूल बंद करना अनिवार्य नहीं होता।
हालांकि:
प्राइमरी क्लासेज पर पहले बंद करने का निर्णय लिया जाता है।
GRAP-4 लागू होने पर मिडल व हाई स्कूल के लिए ऑनलाइन क्लासेज का विकल्प खोला जा सकता है।
कई स्कूल अपने स्तर पर हाइब्रिड मॉडल अपना रहे हैं।
स्टूडेंट्स और पैरेंट्स को सलाह है कि वे अपने स्कूल के WhatsApp ग्रुप और नोटिस पर अपडेट लेते रहें।
प्रदूषण पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी
सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा कि दिल्ली-NCR में हर साल GRAP लागू करना स्थायी समाधान नहीं है। कोर्ट ने कहा कि:
ग्रैप सिर्फ 1-2 महीने की अस्थायी व्यवस्था है।
प्रदूषण से निपटने के लिए लॉन्ग-टर्म पॉलिसी बनानी होगी।
अस्थायी उपायों से प्रवासी मजदूरों और दिहाड़ी लोगों की रोज़गार पर असर पड़ता है।
AQI क्या होता है?
AQI का मतलब है Air Quality Index, यानी हवा की गुणवत्ता का सूचकांक।
कम नंबर साफ हवा, ज्यादा नंबर जहरीली हवा।
CPCB के अनुसार AQI की 6 श्रेणियां हैं—
0 – 50 : अच्छा
51 – 100 : संतोषजनक
101 – 200 : मध्यम
201 – 300 : खराब
301 – 400 : बहुत खराब
401 – 500+ : गंभीर
GRAP क्या है? (GRAP Full Form)
GRAP का फुल फॉर्म है Graded Response Action Plan।
यह दिल्ली-NCR में प्रदूषण स्तर के हिसाब से लागू की जाने वाली गाइडलाइन है।
जैसे-जैसे AQI बढ़ता है, GRAP के फेज भी बदलते हैं—
GRAP-1 : शुरुआती प्रतिबंध
GRAP-2 : मध्यम स्तर की रोक
GRAP-3 : कड़े नियम
GRAP-4 : सबसे सख्त प्रतिबंध















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