
दिल्ली पुलिस ने श्री शारदा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडियन मैनेजमेंट में पढ़ने वाली छात्राओं की शिकायत पर यौन उत्पीड़न और धोखाधड़ी के आरोपों की जांच शुरू कर दी है। शिकायत में कहा गया है कि आरोपी स्वामी चैतन्यनंद सरस्वती पार्थ सारथी ने ईडब्ल्यूएस श्रेणी की छात्रवृत्ति के तहत पीजीडीएम कोर्स कर रही महिला छात्रों के साथ न केवल अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया, बल्कि उन्हें अश्लील व्हाट्सऐप और एसएमएस संदेश भी भेजे।
शिकायत के अनुसार, आरोपी ने कई बार छात्राओं के साथ शारीरिक संपर्क बनाने की कोशिश भी की। यह शिकायत 4 अगस्त 2025 को श्री पी.ए. मुरली, प्रशासक – श्री शृंगेरी मठ एवं उसकी संपत्तियों की ओर से दर्ज कराई गई। वाहनों की ज्यादा आवाजाही से होने वाले असर पर ध्यान खींचते सिद्धारमैया ने कहा कि ‘पीक आवर्स के दौरान भारी ट्रैफिक की वजह से गतिशीलता, उत्पादकता और शहरी जीवन की क्वालिटी पर बुरा असर पड़ता है.’ विप्रो के सहयोग को अहम बताते हुए सिद्धारमैया ने कहा कि यह पहल ‘ट्रैफिक की बाधाओं को कम करने, यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाने, क्षमतावान और रहने योग्य बेंगलुरु में योगदान देने में एक लंबा रास्ता तय करेगी.’
शिकायत में यह भी आरोप है कि संस्थान की कुछ महिला फैकल्टी और प्रशासनिक अधिकारी आरोपी की मांगों को पूरा करने के लिए छात्राओं पर दबाव डालते रहे, जिससे छात्राओं को मानसिक और शारीरिक रूप से भारी उत्पीड़न झेलना पड़ा।












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