सीएम रेखा गुप्ता का हमला – 1216 करोड़ के अस्पताल मिट्टी में मिले
दिल्ली विधानसभा सत्र के अंतिम दिन मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आम आदमी पार्टी की पूर्व सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी के कार्यकाल में एक भी नया अस्पताल नहीं बना। 1216 करोड़ रुपये के अस्पतालों का कोई अता-पता नहीं है। एलएनजेपी अस्पताल के निर्माण की शुरुआती लागत 519 करोड़ रुपये थी, लेकिन अब तक 1165 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं और काम अभी भी अधूरा है।
स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल – नकली दवाएं, असली पेमेंट
सीएम गुप्ता ने दिल्ली की स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकारी अस्पतालों में मरीजों को नकली दवाएं दी गईं, जबकि उनकी असली कीमत चुकाई गई। उन्होंने आरोप लगाया कि मोहल्ला क्लीनिक में फर्जी मरीज दिखाए गए और बंद पड़े अस्पतालों में भी भुगतान किया गया। इसके अलावा, भर्ती, सफाई और टेस्टिंग में बड़े पैमाने पर घोटाले हुए। उन्होंने बताया कि दिल्ली के अस्पतालों में 2000 नर्सों की कमी है, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा रही हैं।
क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट लागू करने की मांग
सीएम गुप्ता ने कहा कि दिल्ली में सभी लैब और टेस्टिंग सेंटर अभी भी 1993 के कानून के तहत चल रहे हैं, जबकि इन्हें क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट-2010 के तहत आना चाहिए। अगर यह कानून लागू होता, तो घोटाले सामने आ जाते।
“केजरीवाल किस बिल में छुप गए हैं?” – रेखा गुप्ता

रेखा गुप्ता ने पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधते हुए कहा, “केजरीवाल किस बिल में घुस गए हैं? स्वाति मालीवाल के साथ घर में मारपीट हो सकती है, तो आतिशी के साथ भी हो सकती है।” उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी के नेता अपनी गलतियों को छुपाने के लिए हंगामा कर रहे हैं और विधानसभा का समय बर्बाद कर रहे हैं।
“10 रुपये का मास्क 150 में खरीदा” – घोटालों के आरोप
सीएम गुप्ता ने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ। 10,000 रुपये की मशीन लाखों में खरीदी गई, 10 रुपये का मास्क 150 रुपये में लिया गया। अस्पतालों के गोदामों में रखी गईं मशीनों की कोई जानकारी नहीं है।
आतिशी का पलटवार – “बीजेपी की कैग रिपोर्ट में अचानक दिलचस्पी क्यों?”
पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी की नेता आतिशी ने बीजेपी पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि बीजेपी अचानक कैग रिपोर्ट को लेकर इतनी चिंतित क्यों हो गई? जब उत्तराखंड में वन विभाग के पैसों से आईफोन खरीदे गए या द्वारका एक्सप्रेसवे में गड़बड़ी हुई, तब कैग रिपोर्ट पर कोई चर्चा नहीं हुई।
“आयुष्मान भारत योजना में 28,000 मरीजों का मौत के बाद भी इलाज”
आतिशी ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि बीजेपी सरकार की आयुष्मान भारत योजना सच में चमत्कारी है, क्योंकि इसके तहत 28,000 मरीजों का मौत के बाद भी इलाज हो चुका है।
कैग रिपोर्ट की जांच होगी
विधानसभा स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने घोषणा की कि स्वास्थ्य विभाग पर जारी कैग रिपोर्ट को पब्लिक अकाउंट्स कमेटी (PAC) के पास भेजा जाएगा। PAC को तीन महीने में अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट देनी होगी। इसके बाद स्वास्थ्य मंत्रालय एक महीने में एक्शन टेकन रिपोर्ट जारी करेगा।













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