लखनऊ। काऊ मिल्क प्लांट को लेकर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के ताज़ा आरोपों पर प्रदेश के पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने कड़ा रुख अपनाया है। मंत्री ने कहा कि “गाय को कसाइयों के हवाले करने वाली सपा अब मिल्क प्लांट की चिंता जताए, यह बेहद हास्यास्पद है।
धर्मपाल सिंह के अनुसार,पशुपालकों की सबसे ज्यादा अनदेखी और दुर्दशा सपा सरकार के समय में हुई और उसी दौरान डेयरी सेक्टर को सबसे बड़ा नुकसान पहुंचा। उन्होंने कहा कि सपा अब घड़ियाली आंसू बहा रही है, जबकि योगी सरकार इसी वित्तीय वर्ष में कन्नौज के काऊ मिल्क प्लांट को शुरू करने जा रही है।
बता दें कि बुधवार को अखिलेश यादव ने पराग डेयरी की स्थिति और काऊ मिल्क प्लांट के बंद होने पर सरकार पर सवाल खड़े किए थे। इसके जवाब में मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि सपा का यह आरोप पूरी तरह गलत है कि भाजपा सरकार ने बजट न देकर प्लांट बंद किया।
उन्होंने साफ किया कि यह प्लांट सपा कार्यकाल के कुप्रबंधन के कारण ही बंद हुआ था।
मंत्री ने बताया कि भाजपा सरकार ने न सिर्फ प्लांट को सुरक्षित रखा बल्कि जून 2025 में राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) के साथ एमओयू साइन करके इसे दोबारा शुरू करने की दिशा में ठोस कदम बढ़ाए हैं। इस एमओयू में गोरखपुर, कानपुर और कन्नौज के डेयरी प्लांट्स के साथ-साथ अंबेडकरनगर की पशु आहार यूनिट भी शामिल है। सरकार का दावा है कि यह कदम किसानों की आय बढ़ाने और दुग्ध उत्पादन को मजबूत बनाने में अहम साबित होगा।
धर्मपाल सिंह ने यह भी कहा कि सपा शासन की लापरवाही का सबसे बड़ा उदाहरण पराग डेयरी है, जिसे सपा सरकार ने ‘बीमारू’ घोषित कर दिया था। योगी सरकार के आने के बाद पराग डेयरी को लगातार मजबूत किया गया है और आज दुग्ध संघ घाटे से उभर रहे हैं। साथ ही, किसानों को दूध का भुगतान भी समय पर मिल रहा है।















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