देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के एक बयान ने राजनीतिक हलचल तेज कर दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें ‘मदरसा’ शब्द से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन जिन संस्थानों में देशविरोधी गतिविधियाँ या आतंक की फैक्ट्री चल रही होंगी, उन्हें किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य किसी धर्म या संस्था को निशाना बनाना नहीं है, बल्कि उन संगठनों पर कार्रवाई करना है जो राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में संलिप्त हैं। उन्होंने कहा कि “हमारी सरकार ऐसी किसी भी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं करेगी जो देश की एकता और अखंडता के खिलाफ हो।”
राज्य स्थापना की रजत जयंती पर आयोजित विधानसभा के विशेष सत्र में मुख्यमंत्री ने राज्य के 25 वर्षों के विकास सफर का विवरण प्रस्तुत किया और कहा कि उत्तराखंड की रियासत, रिवायत और जनसंख्या संतुलन (Demography) की रक्षा के लिए सरकार भविष्य में भी बड़े और सख्त फैसले लेती रहेगी।
मुख्यमंत्री के इस बयान पर कई वर्गों ने मिश्रित प्रतिक्रिया दी है — कुछ लोगों ने इसे राष्ट्रहित में जरूरी बताया, जबकि कुछ ने इसे धार्मिक संस्थानों पर टिप्पणी के रूप में देखा।
















Leave a Reply